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जन्माष्टमी पर कृष्ण दर्शन के लिए मथुरा में उमड़ेगी 30 लाख श्रद्धालुओं की भीड़



द्वापर युग में पांच हजार से भी अधिक वर्षों पूर्व मथुरा के तत्कालीन राजा कंस के कारागार में माता देवकी के गर्भ से जन्म लेने वाले भगवान श्रीकृष्ण मंगलवार की मध्य रात्रि एक बार फिर मथुरा में उससे भी कड़े पहरे में जन्म लेंगे।

जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, ठा. द्वारिकाधीश मंदिर, वृन्दावन के ठा. बांकेबिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, बरसाना के लाडिली जी और गोवर्धन के दानघाटी आदि मंदिरों व उसके आसपास सुरक्षा के लिए पांच हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को लगाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जन्मभूमि पर तैनात पुलिस, सीआरपीएफ, पीएसी के अतिरिक्त 12 कंपनी अर्द्ध सैनिक बल और दस कंपनी पीएसी भी मथुरा के लिए आवंटित हो गई है।

इसके अलावा एक हजार पुलिस के जवान भी अन्य जिलों से सुरक्षा के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया चूंकि गत वर्ष गोविन्द नगर द्वार के समीप बिजली के एक खंभे से नीचे आ रहे तार से एक श्रद्धालु की करण्ट लगने से मौत हो गई थी इसलिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को सभी खंभों को पूरी तरह से इंसुलेट करने की ताकीद कर दी गई है। जिस पर काम चालू है।'

30 लाख से ज्यादा भक्तों के आने की संभावना

डॉ. कुमार ने बताया कि चूंकि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। दूसरे, स्वतंत्रता दिवस आदि राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर आतंकी देश में अराजकता फैलाने का प्रयास करते रहते हैं।

ऐसे में, दोनों ही पर्व एक दिन पड़ने पर इस लिहाज से भी सुरक्षा का ध्यान रखने की खासी आवश्यकता है।'

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