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2019 की चिंता: राजनाथ ने दिल्ली BJP में गुटबाजी को लेकर दी कड़ी चेतावनी

बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में लग गई है. अगले आम चुनाव में अब बहुत कम समय बचा है, ऐसे में दिल्ली बीजेपी गुटबाजी को लेकर केंद्रीय नेतृत्व चिंता बढ़ गई है. केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली बीजेपी ईकाई को साफ चेतावनी दी है कि वे राज्य नेतृत्व के साथ रहें, नहीं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली की कार्यकारिणी बैठक में बीजेपी नेताओं को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने किसी भी तरह की गुटबाजी के लिए चेताया और कहा कि सभी लोग 2019 के आम चुनावों की तैयारी करें.

सूत्रों के अनुसार दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी की चर्चा करते हुए राजनाथ ने पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने सभी मतभेद और अहं को परे रखकर उनके साथ खड़े हों. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में राजनाथ ने कहा, ‘ राज्य ईकाई के सभी गुटों को एकसाथ आना चाहिए और एकजुट होकर अगले आम चुनाव की तैयारी में लग जाना चाहिए.’ गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ पार्टी में कई धड़े खड़े हो रहे हैं. इन सबको राजनाथ सिंह ने कड़ा संदेश दिया है. पार्टी के कुछ नेताओं ने कई मौकों पर मनोज तिवारी की कार्यशैली और निर्णयों पर ऊंगली उठाते रहे हैं. हाल में कई नेताओं ने सीलिंग के मसले से मनोज तिवारी के निपटने के तरीके पर सवाल उठाए.

लेकिन राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि हाईकमान ने मनोज तिवारी को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष बनाकर काफी समझदारी भरा निर्णय लिया है. उन्होंने एमसीडी चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के लिए मनोज तिवारी की तारीफ भी की.

सूत्रों के मुताबिक राजनाथ ने यह भी कहा कि नेताओं के व्यक्तिगत अहं और कार्यकर्ताओं से बनी दूरी ऐसी मुख्य वजहें हैं, जिसकी वजह से दिल्ली में बीजेपी पिछले 20 साल से सत्ता से बाहर है. राजनाथ ने साफ कहा, ‘हमारे किसी भी वरिष्ठ नेता को चाहे वे कितने ही बड़े पद पर क्यों न हों, अपने व्यक्तिगत अहं के लिए पार्टी के कामकाज को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.’

राजनाथ ने इस पर भी नाराजगी जाहिर की कि राज्य बीजेपी के कई नेता जमीन पर काम करने की जगह केंद्रीय नेताओं के यहां चक्कर लगाकर लॉबिइंग करने में ज्यादा समय लगाते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली बीजेपी के नेताओं को केंद्रीय नेतृत्व की ‘जी हजूरी’ से बचना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘ जैसे ही हमारा कोई नेता महत्वपूर्ण पद पर पहुंचता है, उसका हावभाव बदल जाता है, वह कार्यकर्ताओं से दूर हो जाता है.’

via Manju Raj Patrika

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