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रिटायर्ड कर्नल का दावा- चीन ने उत्‍तरी डोकलाम पर बनाए 7 हेलीपैड, हथियारों से लैस वाहन भी तैनात

चीन डोकलाम क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में सात हेलीपैड बना चुका है। हथियारों से लैस वाहन भी उसने इस विवादित क्षेत्र में तैनात कर रखे हैं। ये दावा रिटायर्ट कर्नल विनायक भट्ट ने किया है। सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए स्थिति का विश्लेषण करने में वह माहिर हैं। उन्होंने प्रमाण के तौर पर डोकलाम क्षेत्र की कुछ ताजा सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं। तस्वीरों में कंक्रीट की कुछ चौकियां, सात हेलीपैड और तकरीबन दर्जन भर हथियारों से लैस वाहन नजर आ रहे हैं। ये सभी उसी जगह पर हैं, जहां पिछले साल भारतीय सेना और चीन की पीपल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) 72 दिनों तक एक-दूसरे के आमने-सामने तैनात थीं। रिटायर्ड कर्नल के इस खुलासे से पहले सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी इस मसले पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि चीन ने उत्तरी डोकलाम क्षेत्र में अपनी सैन्य टुकड़ियां अभी भी तैनात कर रखी हैं, लेकिन उन्होंने यह भी बताया था कि सैनिकों और हथियारों से लैस वाहनों की तैनाती में पहले के मुकाबले कमी आई है।

‘द प्रिंट’ के अनुसार, डोकलाम क्षेत्र की ताजा सैटेलाइट तस्वीरें 10 जनवरी की हैं, जिसमें ड्रैगन इस क्षेत्र में काफी मुस्तैद नजर आ रहा है। चीन की सैन्य ईकाई जहां पर तैनात हैं, उससे कुछ दूरी पर भारी मात्रा में सड़क बनाने वाली सामग्री भी मौजूद है। आपको बता दें कि पिछले साल जून में भारतीय सेना ने चीनी सेना को इस ओर रास्ता बनाने से रोका था, जो दक्षिणी डोकलाम हिस्से में उन्हें प्रवेश दे सकती थी। यह पठार चीन और भूटान के बीच में है।

गूगल अर्थ की मदद से निकाली गई तस्वीरें स्पष्ट करती हैं कि इस क्षेत्र में ढेर सारी चीनी बेड़े तैनात हैं। जेडबीएल-09 आईएफवी या इंफैंट्री लड़ाकू वाहनों की इस जगह पर होने की आशंका है। दो छोटे टैंकों के लिए पार्किंग एरिया की व्यवस्था भी की गई है। इन तस्वीरों में डोकलाम पठार पर दो रेजिमेंट नजर आती हैं। यही नहीं, वहां सेना की बड़ी टुकड़ी (जिसमें 100 से अधिक सैनिक)/हथियारों से लैस वाहन भी तैनात हैं। चार बुल्डोजर और चार टिपर भी यहां होने की पुष्टि की गई है। तस्वीरों में इन वाहनों का होना इस ओर संकेत देता है कि चीन वहां पर आगे सड़क बनाने की कोशिशों में जुटा है। बताया जा रहा है कि कई टुकड़ियां तो टेंट के भीतर तैनात की गई हैं, जो सैटेलाइट तस्वीरों में नहीं लोकेट की जा सकी हैं।

चीन ने निगरानी के लिए दो ऊंचे टावर भी तैयार किए हैं, जो सीमेंट से बनाए गए हैं। ये कम से कम 10 मीटर ऊंचे बताए जा रहे हैं। नई चौकियां भी इस पठार के तकरीबन हर पहाड़ी पर तैनात की गई हैं। सात हेलीपैड भी बनाए गए हैं, जिनका डायामीटर 25 मीटर है। माना जा रहा है कि पीएलए के बेड़े में शामिल सबसे बड़े हेलीकॉप्टर भी यहां पर लैंड कराए जा सकेंगे। डोकलाम में भारत-चीन के बीच 73 दिनों तक चला गतिरोध बीते साल 28 अगस्त को खत्म हुआ था। दोनों देशों के रिश्ते इस बीच तल्ख हो गए थे। 16 जून 2017 को भारतीय सेना ने डोकलाम में चीनी सेना के सड़क निर्माण कार्य को रोका था, जिसके बाद भारत-चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने रही थीं।

via Manju Raj Patrika

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