Breaking News

उत्तर कोरिया के विध्वंसक रवैये में बदलाव के आसार

वॉशिंगटन: उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच बातचीत बहाल होने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीन के समक्ष शी चिनफिंग ने उम्मीद जताई है कि इससे प्योंगयांग के विध्वंसक रवैये में बदलाव आ सकता है। व्हाइट हाउस ने बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों ने कोरियाई प्रायद्वीप के हालिया घटनाक्रमों के बारे में फोन पर बातचीत की।

बता दें कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव के पहले रिपब्लिकन उम्मीदवार रहे ट्रंप ने चीन को लेकर कई कड़े बयान दिए थे लेकिन उनके राष्ट्रपति बनने के बाद अमरीका-चीन का रिश्ता काफी स्थिर रहे है। आलम ये है कि नॉर्थ कोरिया पर लगाम लगाने के प्रयासों में ट्रंप ने शी पर काफी निर्भरता दिखाई है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के शीर्ष अधिकारी 2 साल से अधिक समय बाद पहली आधिकारिक बातचीत करेंगे। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने नए साल के अपने भाषण में संकेत दिया था कि प्योंगयांग विंटर ओलंपिक के लिए दक्षिण कोरिया में अपने खिलाड़ी भेजने का इच्छुक है जिसके बाद लंबे समय से रुकी बातचीत के पटरी पर लौटने की राह आसान हो गई।

किम के भाषण के बाद सियोल ने उच्च स्तरीय बातचीत का प्रस्ताव पेश किया था और दोनों पड़ोसी देशों के बीच पिछले 2 साल से बंद हॉटलाइन फिर से चालू की गई। बैठक वाले क्षेत्र गांव पनमुनजोम से दोनों देशों ने अपनी-अपनी सेनाओं को हटा लिया है। इस बातचीत में दक्षिण कोरिया में अगले महीने होने वाले विंटर ओलंपिक में उत्तर कोरिया की भागीदारी पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

अगर उत्तर कोरिया इन खेलों में भाग लेता है तो प्रमुख एजेंडा यह रहेगा कि दोनों देशों के खिलाड़ी सिडनी 2000, एथेंस 2004 और साल 2006 में टोरिनो में हुए विंटर ओलंपिक की तरह इस बार भी उद्घाटन एवं समापन समारोहों में एक-साथ एंट्री करेंगे या नहीं. उत्तर कोरियाई खिलाड़ियों की संख्या और उसके सदस्यों और उनके रहने की व्यवस्था पर भी चर्चा की जाएगी। उत्तर कोरिया के पास शीतकालीन खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों की संख्या कम है, ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि वह 9 से 25 फरवरी तक होने वाले इन खेलों में बड़ी संख्या में चीयरलीडर्स भेज सकता है।

via Manju Raj Patrika

No comments