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सहरसा जेल में आनंद मोहन से मिले शिवानंद तिवारी

पटना: राष्ट्रीय जनता दल बिहार में नई गोलबंदी करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है. भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड से मुकाबले के लिए राष्ट्रीय जनता दल ने एक तरह से अभियान छेड़ रखा है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कभी विरोधी रहे पूर्व राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी राजद के नए चाणक्य की भूमिका में हैं. राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने आज सहरसा जेल में पूर्व सांसद आनंद मोहन से मुलाकात की.

सहरसा जेल में हुई मुलाकात

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी पूर्व सांसद आनंद मोहन से मिलने सहरसा जेल पहुंचे. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सहरसा जेल पहुंचे शिवानंद तिवारी ने आधा घंटा तक आनंद मोहन से मुलाकात की. आनंद मोहन से मुलाकात के बाद नए सियासी समीकरणों के भी संकेत तलाशे जाने शुरू हो गए हैं.

शिवानंद बोले नहीं हुई कोई सियासी बात

सहरसा जेल में सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन से मिलने के बाद शिवानंद तिवारी ने कहा कि इस मुलाकात का कोई सियासी मतलब नहीं है. हालांकि बात इतनी सीधी है नहीं जितनी शिवानंद तिवारी बता रहे हैं. जेल गेट से बाहर आने के बाद शिवानंद तिवारी ने कहा कि आनंद मोहन उनके पुराने सहयोगी रहे हैं और उन्होंने उनके इलेक्शन में प्रचार भी किया था. पुरानी मित्रता का हवाला देकर उन्होंने कहा कि आनंद मोहन और उन्होंने अपने कई संस्मरणों को साझा किया और इसका कोई सियासी मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए.

नीतीश से खफा हैं आनंद मोहन

राजपूतों के एक समय रॉबिनहुड कहे जाने वाले आनंद मोहन इन दिनों नीतीश कुमार से खासे नाराज चल रहे हैं. गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया हत्याकांड में सजा काट रहे आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद अभी जीतन राम मांझी की पार्टी हम में हैं लेकिन नीतीश कुमार से आनंद मोहन की दूरी बनी हुई है. काफी सालों से आनंद मोहन का संबंध नीतीश कुमार से बिगड़ा हुआ है. जेल में कई बार आनंद मोहन के साथ उचित व्यवहार नहीं होने और प्रताड़ित किए जाने की भी खबरें आती रही हैं. शिवानंद तिवारी से मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार एक बार फिर गर्म हो चुका है.

via Manju Raj Patrika

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