नारद को देवताओं का ऋषि माना जाता है। पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली

 

फरीदाबाद। अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा ने रविवार को सैक्टर  – 12 स्थित कार्यालय पर महर्षि नारद जी की जयंती मनाई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने श्री नारद जी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए व शत शत नमन किया।  पं. सुरेन्द्र शर्मा बबली राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नारद जी के ज्ञान व कार्य कुशलता का उल्लेख कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला और कहा कि वो सृष्टि के प्रथम पत्रकार माने जाते हैं। जिनका काम संदेश एक-दूसरे को पहुंचाना था। उन्होंने बताया कि नारद को ब्रह्मा के सात मानस पुत्रों में से एक माना गया है। नारद को देवताओं का ऋषि माना जाता है। इसी वजह से उन्हें देवर्षि भी कहा जाता है। मान्यता है कि नारद तीनों लोकों में विचरण करते रहते हैं। नारद को भगवान विष्णु का परम भक्त माना जाता है। उनका मुख्य उद्देश्य भक्त की पुकार को भगवान विष्णु तक पहुंचाना है। नार शब्द का अर्थ जल होता है। ये सभी को जलदान, ज्ञानदान व तर्पण करने में मदद करने के कारण नारद कहलाए। नारद जयंती का बड़ा महत्व है। इस अवसर पर पं मोहित शर्मा, मनीष शर्मा, कृष्ण पाराशर, राजू दादा, संजीव कुशवाहा उपस्थित रहे ।

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