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Sunday, May 24, 2020

ग्वायिलर-चंबल में मिले 14 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज


ग्वालियर चंबल अंचल में शनिवार को 14 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जिसमें से ग्वालियर के 6, भिंड-मुरैना के 4-4 संक्रमित शामिल हैं। अंचल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 241 पहुंच गया है। हालांकि इसमें से 83 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। ग्वायिलर में अब तक मिले मरीजों की संख्या 104 हो गई है।

ग्वालियर में कोरोना से 100 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत

डबरा निवासी कोरोना पॉजिटिव 100 वर्षीय वृद्धा देवा भाई गुप्ता ने शनिवार शाम 6.30 बजे सुपर स्पेशियलिटी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 16 मई को रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उन्हें भर्ती किया गया था। अंचल में कोरोना से यह दूसरी मौत है। इसके पहले वृद्धा के पड़ोसी ठाकुर बाबा राम निवासी गंगाराम रोहिरा (76) की मौत कोरोना से हुई थी। वृद्धा के बेटे कोरोना संदिग्ध 80 वर्षीय राजेंद्र गुप्ता की 13 दिन पहले मौत हो चुकी है। अभी देवा बाई के 10 परिजन कोरोना पॉजिटिव हैं, जिनमें बेटे-बहू व पोते शामिल हैं। सभी का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज चल रहा है। देवा बाई के नाती पंकज गुप्ता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मां जब इलाज के लिए आई थी तब स्वस्थ थी। देखरेख के अभाव में उनकी तबीयत और बिगड़ गई।

भरा पूरा परिवार फिर भी अंत्येष्टि में शामिल नहीं हो सका एक भी सदस्य

जीवन के सौ साल। उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचने वालों की संख्या अब यदा-कदा ही देखने-सुनने को मिलती है। खासतौर पर एक महिला की। जैसे-जैसे उम्र शताब्दी की ओर बढ़ती है, कुनवा बढ़ता जाता है और वृद्ध के प्रति सहानुभूति गहराती जाती है। 90 साल बाद परिजनों की चाहत रहती है कि जिस दिन भी उनके परिवार का सबसे बुजुर्ग व्यक्ति प्रकृति की गोद में समाएगा तो न केवल पूरा परिवार बल्कि वे लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे जिनका स्नेह उन्हें मिला होगा। लेकिन प्रकृति कभी-कभी ऐसे खेल दिखाती है जो इस सपने को सच नहीं होने देते। डबरा की सौ साल की वृद्धा देवा बाई के साथ भी यही हुआ। कोरोना से दम तोड़ने के बाद उनकी चिता को मुखाग्नि देने के लिए परिवार का एक सदस्य भी नहीं पहुंच सका। जबकि वृद्धा अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़कर गई है। मुसीबत यह रही कि इस परिवार के 12 सदस्य कोरोना वायरस का शिकार होकर अस्पताल में क्वारंटाइन हैं।

व्यवस्था सुधरी तो नहीं हुई परेशानी

वृद्धा देवा बाई की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य, नगर निगम, पुलिस व जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। चूंकि इससे पहले कोरोना संक्रमित व संदिग्ध मरीजों की मौत के बाद अंत्येष्टि में लापरवाहियां उजागर हुई थीं। लेकिन शनिवार को ऐसा नहीं हो सका। मृत्यु के कुछ देर बाद ही शव को एंबुलेंस से लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम ले जाया गया। एंबुलेंस में जेएएच से ही दो कर्मचारी साथ गए थे। मुक्तिधाम पर इंसीटेंड कमांडर शिवानी पांडे, नगर निगम के नोडल अधिकारी अतिबल सिंह यादव व निगम के दो कर्मचारी पहले से ही मौजूद थे। चारों कर्मचारियों ने शव निकाला और अर्थी सजाई।

कुछ देर में ही कर कर दी अंत्येष्टि

अर्थी को विद्युत शवदाह गृह में ले जाया गया। इस बार कोई गड़बड़ी नहीं हुई। शवदाह गृह में शव पहुंचते ही इलेक्ट्रिशिन ने बटन दबाया और अंत्येष्टि कर दी। इस बार अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

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