चाहे भाजपा के झंडे-स्टीकर लगा लें, जरूरतमंदों के लिए हमारी भेजी बसें चलने दें : प्रियंका गांधी - Bharat Media Digital Newspaper

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Wednesday, May 20, 2020

चाहे भाजपा के झंडे-स्टीकर लगा लें, जरूरतमंदों के लिए हमारी भेजी बसें चलने दें : प्रियंका गांधी


लॉकडाउन के बीच गरीब मजदूरों को बसें उपलब्ध करवाने को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बुधवार शाम एक लाइव ऑनलाइन प्रसारण में यूपी सरकार से कहा कि चाहे तो वह भाजपा के झंडे और स्टिकर लगा लें, कांग्रेस की तरफ से उपलब्ध करवाई गयी बसों को जरूरतमंदों को इस्तेमाल करने की इजाजत दे दे, क्योंकि यह जरूरतमंदों और मुसीबत के मारों के लिए हैं। प्रियंका गांधी के इस ब्यान के बाद बस मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

प्रियंका गांधी ने यूपी की योगी सरकार से कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है। अपने लाइन ऑनलाइन ब्यान में गांधी ने कहा – ”हमारी बसें उपलब्ध हैं। हम यूपी के मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि वे इन बसों का प्रयोग करें। बसों को चलने दें। यह बसें ४ बजे तक बार्डर पर खड़ी हैं।”

उन्होंने कहा कि भाजपा कह रही है कि कांग्रेस ने ८७९ बसें ही उपलब्ध करवाई हैं। प्रियंका ने कहा कि ठीक है इतनी बसें ही चलवा दो। जरूरत मंदों को इससे बहुत राहत मिल जाएगी। प्रियंका ने आरोप लगाया कि बसों को लेकर भाजपा बहुत ही गिरी हुई राजनीति कर रही है।


कांग्रेस नेता ने अपने ब्यान में पार्टी की तरफ से प्रदेश सरकार को सौंपी गई बसों की सूची में बाइक और टेम्पो के नंबर होने पर कहा कि अगर ऐसे कुछ नंबर हैं भी, हम नए नंबर देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हम सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

गांधी ने कहा कि जो प्रवासी मजदूर पैदल चलकर अपने घरों को जा रहे हैं वो केवल भारतीय नहीं, बल्कि भारत की रीढ़ की हड्डी हैं। देश उनके खून पसीनों से चलता है। उनका ख्याल रखना सभी की जिम्मेदारी है। यह राजनीति का समय नहीं है। कृपया बसें चलने की इजाजत दे दें।

'बसों के कुछ नंबर गलत हैं तो हम नई लिस्‍ट दे देंगे'
प्रियंका गांधी ने कहा कि सबको मजदूरों के लिए जिम्‍मेदारी समझनी पड़ेगी. उन्‍होंने कहा कि 500 बसें गाजियाबाद बॉर्डर पर खड़ी की थीं. राजस्‍थान बॉर्डर पर भी बसें उपलब्‍ध कराई गई थीं. लेकिन उनके संचालन की अनुमति यूपी सरकार ने नहीं दी. अगर ये बसें चल जाती तो 36000 लोग घर रवाना हो जाते. अगर बसों के कुछ नंबर गलत हैं तो हम नई लिस्‍ट दे देंगे.

प्रियंका के मुताबिक, लॉकडाउन की घोषणा के बाद कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में स्वयंसेवियों के समूह बनाए और लोगों तक ज्यादा से ज्यादा मदद पहुंचाने की कोशिश की. इन समूहों ने अब तक करीब 67 लाख लोगों की मदद की है. उन्होंने कहा, 'हमारी भावना सकारात्मक रही है और हमारा हमेशा से सेवा भाव रहा है.'

मुख्‍यमंत्री को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश सरकार के साथ हुए संवाद का सिलसिलेवार ब्यौरा देते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'कुछ समय से हम कह रहे थे कि यूपी रोडवेज की बसें प्रवासी श्रमिकों के लिए उपलब्ध करा दीजिए. जब कई हादसे हुए और हमने देखा कि यूपी रोडवेज की बसें नहीं चलाई जा रही हैं तो हमने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी कि हम एक हजार बसें चला सकते हैं.'

गौरतलब है कि बसों को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है. दोनों तरफ से एक दूसरे को कई पत्र लिखे गए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि कांग्रेस ने 1000 से अधिक बसों का जो विवरण मुहैया कराया है, उनमें कुछ दोपहिया वाहन, एंबुलेस और कार के नंबर भी हैं.

इस पर कांग्रेस ने कहा कि उसकी ओर से मुहैया कराई गई सूची में, उत्तर प्रदेश सरकार ने खुद 879 बसों के सही होने की पुष्टि की है और उसे अब इन बसों को चलाने की अनुमति प्रदान कर देनी चाहिए.

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