योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के शॉपिंग मॉल्स में बिकेगी शराब - Bharat Media Digital Newspaper

Breaking

Saturday, May 23, 2020

योगी सरकार का बड़ा फैसला, UP के शॉपिंग मॉल्स में बिकेगी शराब


लखनऊ। उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने शराब को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब उत्तरप्रदेश के शॉपिंग मॉल्स में विदेशी शराब, बीयर, वाइन की फुटकर बिक्री होगी। आबकारी विभाग ने करीब 3 महीने पहले शॉपिंग मॉल्स में शराब की बिक्री का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
योगी कैबिनेट ने शनिवार को मंजूरी दी है कि अब से उत्तरप्रदेश के मॉल्स में महंगी विदेशी शराब, बियर, वाइन बिक सकेंगी। इससे पहले उत्तरप्रदेश ने शराब पर कोरोना टैक्स लगाया था। इससे शराब की कीमतें बढ़ गई हैं।

ये हैं शर्तें

इन लाइंसेंसों को किसी कंपनी, सोसायटी और पात्र शख्स द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। मॉल्स में दुकानें खोलने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं जैसे, जिस जगह पर दुकान होगी वहां न्यूतनतम एरिया 1 हजार वर्ग फीट होना चाहिए जिसमें डिपार्टमेंल स्टोर जैसे मार्केट शामिल हों।  इन दुकानों में ग्राहक जाकर अपनी ठीक उसी प्रकार ब्रांड चुन सकेंगे जैसे वो किसी सुपर स्टोर में जाकर चुनते हैं। एसी से लैस इन दुकानों में तमाम तरह के ब्रांड सेल्फ में रखे जाएंगे।


इससे सरकार को करीब 2350 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व आने का अनुमान लगाया गया है। कोरोना संक्रमण के कारण चल रहे लॉकडाउन से बिगड़ी वित्तीय स्थिति पर नियंत्रण के लिए सरकार देसी-विदेशी शराब पर अतिरिक्त कर लगा दिया है।

वेस्टेज में कमी


प्रीमियम रिटेल वेंड केवल उसी कैटेगरी की विदेशी शराब को बेच सकते हैं जिसे एक्साइज कमिश्नर द्वारा ऑथोराइज्ड किया गया होगा।  इसके अलावा पहले श्रेणी एक के तहत 1.5 प्रतिशत तक वेस्टेज निर्धारित था उसमें अब कमी कर दी गई है यह यह घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं श्रेणी दो में 2 प्रतिशत निर्धारित वेस्टेज को भी घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है।

मॉल्स में होगी इनकी बिक्री

- आयातित विदेशी मदिरा ब्रांड (बीआईओ)
- भारत निर्मित विदेशी मदिरा के स्कॉच  या इससे उच्च श्रेणी के ब्रांड 
- ब्रांडी, जिन और वाइन के समस्त ब्रांड

- वोदका एवं रम के रुपया 700 से अधिक अधिकतम फुटकर मूल्य वाले ब्रांड और रुपया 160 या इससे अधिक प्रति 500 एमएल कैन के अधिकतम फुटकर मूल्य वाली या इसके समतुल्य बीयर ब्रांड। 
13 लाख से ज्यादा श्रमिक लौटे : उत्तरप्रदेश में देश के अन्य हिस्सों से प्रवासी श्रमिकों और कामगारों को लेकर अब तक 1018 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें उत्तर प्रदेश आ चुकी हैं और इनसे 13 लाख 54 हजार से अधिक प्रवासी कामगार घर लौटे हैं।
अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार को बताया कि 1018 ट्रेनें उत्तर प्रदेश में आ चुकी हैं और इनसे 13 लाख 54 हजार से अधिक प्रवासी आ चुके हैं। ट्रेनों, बसों और अन्य साधनों से अब तक प्रदेश में 21 लाख लोग आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार और रविवार के दिन 178 और ट्रेनें चल रही हैं, जो जल्द ही प्रदेश में आ जाएंगी।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि वाराणसी में एक की जगह दो स्टेशन कर दिए गए हैं- कैण्ट एवं मडुआडीह। प्रदेश में ऐसे 52 रेलवे स्टेशन हैं, जहां ट्रेनें लायी जा रही हैं। पहली बार पीलीभीत जिले में भी एक ट्रेन लायी गयी है।
अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रवासी श्रमिकों और कामगारों को उनके गृह प्रदेश लाने की व्यवस्था नि:शुल्क कर रही है। उत्तर प्रदेश की ट्रेनों में किसी को कोई शुल्क नहीं देना है।

2 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया आरोग्य सेतु ऐप : प्रदेश में 'आरोग्य सेतु ऐप' डाउनलोड करने वालों की संख्या करीब 2 करोड़ पहुंच गई है और इसके माध्यम से अभी तक 82 लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की सूचना मिली है। 

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

इस न्यूज़ पोर्टल पर किसी भी प्रकार की सामिग्री प्रकाशन का उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना या किसी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुँचना बिल्कुल नहीं है। इस पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी चलचित्र, छायाचित्र अथवा लेख, समाचार से कोई आपत्ति है तो हमें दिए गए ईमेल पर लिख कर भेजें