‘निसर्ग’ के ३ जून को उत्तरी महाराष्ट्र ; दक्षिणी गुजरात के तटों से टकराने की संभावना, मानसून ने केरल में दी दस्तक, बारिश - #भारत_मीडिया - Bharat Media Digital Newspaper

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Tuesday, June 2, 2020

‘निसर्ग’ के ३ जून को उत्तरी महाराष्ट्र ; दक्षिणी गुजरात के तटों से टकराने की संभावना, मानसून ने केरल में दी दस्तक, बारिश - #भारत_मीडिया


केरल में मानसून ने समय पर दस्तक दे दी, वहीं अरब सागर से उठा चक्रवाती तूफान ”निसर्ग’ उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात की तरफ बढ़ रहा है। इसके ३ जून को इन दोनों क्षेत्रों से टकराने की संभावना है, लिहाजा भारतीय मौसम विभाग ने पश्चिम  भारत के राज्यों महाराष्ट्र (मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगड़) गोवा और गुजरात में निसर्ग चक्रवात की वजह से ११५ किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। एनडीआरएफ ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी टीमें तैनात कर दी हैं।
मौसम वभाग ने कहा है कि ४१ फीसदी संभावना है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा।  विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि मानसून (जून से सितंबर) में १०२ फीसदी बारिश होगी। इसमें चार फीसदी ज्यादा या कम की गुंजाइश है। यानी कम से कम ६ फीसदी और अधिकतम १०६ फीसदी तक बारिश की संभावना है। एनडीआरएफ ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी टीमें तैनात कर दी हैं।


विभाग के निदेशक के मुताबिक उत्तर पश्चिम भारत में १०७ फीसदी तक बारिश हो सकती है। मध्य भारत में १०३, दक्षिणी प्रायद्वीप में १०२ फीसदी और पूर्वोत्तर भारत में ९६ फीसदी बारिश के आसार हैं। देशभर में जुलाई और अगस्त के दौरान क्रमश: 103 और ९७ फीसदी बारिश हो सकती है, इसमें ९ फीसदी मॉडल एरर रहने की संभावना है। महापात्रा ने कहा कि वातावरणीय परिस्थितियां मानसून के अनुकूल बनी हुई हैं। ला-नीना स्थिति के कमजोर होने से अच्छी बारिश होगी।
मौसम विभाग ने कहा है कि ३ जून को ”निसर्ग” चक्रवाती तूफान के उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तट को पार करने की संभावना है। दक्षिणी-पूर्वी और आसपास के पूर्वी मध्य अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। विभाग ने इस खतरे को ध्यान में रखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि जो मछुआरे अभी अरब सागर में है वह तुरंत तटों पर लौट आएं।
विभाग ने कहा है कि लक्षद्वीप क्षेत्र उत्तरी केरल और तटीय कर्नाटक में १२ घंटे के दौरान हल्की से भारी वर्षा देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही अब से ३ जून के बीच दक्षिण कोकण और गोवा में और ३ से ४ जून के बीच दक्षिण गुजरात, दमन-दादरा और नगर हवेली में भी हल्की से भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
”निसर्ग” तूफान उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के समुद्रतट की और बढ़ रहा है। इसके बुधवार को तट से टकराने की संभावना है। इसका लैंडफॉल मुंबई के करीब होने की संभावना है। मुंबई के पड़ोसी ठाणे, रायगड़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग इसके दायरे में आ सकते है और ४ जून तक इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

अम्फान से कम शक्तिशाली है निसर्ग
चक्रवात कितना शक्तिशाली है यह हवाओं की गति से मापा जाता है। निसर्ग तूफान में हवा की गति 95 से 105 किमी प्रति घंटा हो सकती है। जबकि अम्फान को सुपर साइक्लोन कैटिगरी में नंबर 5 पर रखा गया था हालांकि बाद में यह कमजोर होकर एक पायदान पीछे हो गया था लेकिन फिर भी यह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान था। इसमें हवाओं की गति 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही थी।

पिछले साल अरब सागर में 5 चक्रवात बने थे
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले साल अरब सागर में निरंतर साइक्लोन ऐक्टिविटी देखी गई थी। ऐसा 100 साल से भी ज्यादा समय में पहली बार हुआ था। पिछले साल अरब सागर से 5 चक्रवात उठे रहे थे- वायु, हिक्का, क्यार, महा और पवन। जबकि साधारण तौर पर साल में एक या दो चक्रवात ही बनते हैं।
अगर तूफान में बदला तो कितना होगा असर?
अगर निसर्ग चक्रवाती तूफान में बदलता है तो महाराष्ट्र के कुछ तटीय इलाकों में अनुमान के हिसाब से सीधे असर पड़ेगा। हालांकि अभी चक्रवात के टकराने की सही लोकेशन का पता नहीं लग सकता है फिर भी यह मुंबई के नजदीक, पड़ोसी क्षेत्र ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग में टकरा सकता है। इसी के साथ 4 जून को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण मानसून केरल में पहले से ही दस्तक दे चुका है। पश्चिमी तट के समानांतर एक डिप्रेशन बन रहा है जो समुद्र के किनारे उत्तर की ओर तीव्र और गतिमान है। इस स्थिति में अरब सागर के पूर्व मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पहले से ही खराब है जो साइक्लोन से और बिगड़ सकती है।

क्या समय से पहले आएगा मुंबई में मानसून?
दक्षिणपश्चिम मानसून के चलते महाराष्ट्र में अगले दो दिन तक बारिश की संभावना नहीं है। दक्षिणपश्चिम मानसून के केरल से उत्तर की ओर बढ़ना अभी शुरू नहीं हुआ है। साधारण तौर महाराष्ट्र में मानसून 10 जून के बाद आता है।

1891 के बाद महाराष्ट्र में पहला ऐसा तूफान
मौसम विभाग के साइक्लोन ई-ऐटलस के मुताबिक, 1891 के बाद पहली बार अरब सागर में महाराष्ट्र के तटीय इलाके के आसपास समुद्री तूफान की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इससे पहले 1948 और 1980 में दो बार उत्तर हिंस महासागर में इस तरह का दवाब बना था लेकिन बाद में जून के महीने में तूफान आने की स्थिति टल गई थी। यानी एक सदी से भी अधिक समय में ऐसा पहली बार होगा जब अरब सागर में विकसित होने के बाद कोई तूफान महाराष्ट्र से टकराएगा।

अरब सागर से उठने वाला तूफान गुजरात की तरफ मुड़ता है
औसतन, अरब सागर में साल में एक या दो चक्रवात उठते हैं। चक्रवात उठने के बाद वे पश्चिम ओमान और अदन की खाड़ी या फिर उत्तर में स्थित गुजरात की तरफ मुड़ जाता है। जैसा कि 1998 चक्रवात के आने के दौरान हुआ था जिसमें हजार लोग मारे गए थे या फिर पिछले साल चक्रवात वायु के कारण जो तबाही मची थी।

10 टीमों को तैनात किया गया
निसर्ग बुधवार शाम को पालघर के तटीय इलाकों से टकराने की आशंका है। इसके मद्देनजर 16 में से 10 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बलों को तटीय जिले में तैनात किया गया है जिसमें से तीन मुंबई, दो-दो पालघर और दहानू में हैं। 6 टीमों को स्टैंडबाय में रखा गया है जिन्हें जरूरत पड़ने पर बुलाया जाएगा।

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