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Wednesday, July 22, 2020

जेएनयू के पूर्वचेयरमैन कमल मेहता की 12.98 करोड़ की चल-अचल सम्पति को ईडी ने किया कुर्क #भारत_मीडिया, #Bharat_Media

ED attached JNU chairman Kamal Mehta movable and immovable property worth Rs 12.98 crore - Jaipur News in Hindi
जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय जयपुर ने जोधपुर नेशनल यूनिवसिटी, जोधपुर केपूर्व चेयरमैन कमल मेहता और उनके परिवार के सदस्यों की कुल 12.98 करोड़ रुपए की चल-अचल सम्पत्तियों का मंगलवार को कुकी आर्दश निकालकर कुर्क कर लिया है। जिनमें जयपुर, जोधपुर व दिल्ली में स्थित कुल 12 फ्लैट, 3 प्लॉट, 1 बिल्डिंग एवं 31 बीघा कृषि भूमि व बैंक खातों में जमा रकम सम्मालित है।
प्रवर्तन निदेशालय जयपुर ने स्पेशल ऑपरेशन गु्रप (एसओजी) जयपुर की ओर से जोधपुर नेशनल यूनिवसिटी, जोधपुर के चेयरमैन कमल मेहता और उसके अन्य साथियों के विरूद्ध जाली डिग्री व मार्कशीट जारी करने के मामले में एफआईआर वर्ष 2014 में दर्ज की थी।
कुशल एज्यूकेशन ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी कमल मेहता ने ट्रस्ट के तहत वर्ष 2008 में जोधपुर नेशनल यूनिवसिटी, जोधपुर की स्थापना की थी। जेएनयू के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के दौरान वह अवैध रूप से पैसा कमाने के लिए जेएनयू के नाम पर पाईवेट स्टूडेंस को फर्जी डिग्री व मार्कशीट जारी करने और बेचने के लिए एक सिंडिकेट चलाने में सक्रिय रूप से शामिल था। कमल मेहता ने फीस व फॉर्म कलेक्शन एंव परीक्षा के आयोजन आदि के लिए जेएनयू के रजिस्ट्रार के नाम से फर्जी प्राधिकार पत्र जारी करके जेएनयू के चार राष्ट्रीय समन्वयकों की नियुक्ति की। इन राष्ट्रीय समन्वयकों ने बाद में भारत के विभिन्न स्थानों पर अपने अधीन विभिन्न केन्द्रों/उपकेन्द्रों की नियुक्ति/स्थापना की। राष्ट्रीय समन्वयकों और केन्द्रों/उपकेन्द्रों की नियुक्ति को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से अनुमोदित नहीं किया गया था। अब तक की जांच में पता चला है कि कमल मेहता को उसके द्वारा अवैध रूप से नियुक्त इन राष्ट्रीय समन्वयकों के माध्यम से 22.3 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। उसे उक्त राशि जेएनयू, कुशल एज्यूकेशन ट्रस्ट, सूर्य नगरी एज्यूकेशन सोसायटी व अन्य विभिन्न संस्थाओं के नाम से जयपुर व जोधपुर में खोल गए विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त हुई। जांच में यह भी पता चला कि कमल मेहता ने जेएनयू के नाम पर फर्जी डिग्री/ मार्कशीट के वितरण की सुविधा के लिए जयपुर में समानांतर कार्यालय स्थापित किया। वर्ष 2010 से 2014 की अवधि के दौरान विभिन्न छात्रों को 25003 डिग्री/मार्कशीट जारी की। जांच में वित्तीय लेनदेन का जटिी चक्रव्यूह सामने आया,जिसके माध्यम से उपरोक्त अवैध धन को हस्तांतरित, स्तरित और उसकी विभिन्न संस्थाओं के बैंक खातों में रखा गया और कमल मेहता, उसकी पत्नी सरिता मेहता, कुशल एज्यूकेशन ट्रस्ट और उनके अन्य विभिन्न संस्थाओं के नाम अनेक चल व अचल सम्पतियों में निवेश किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय जयपुर ने पहले भी इस मामले में कमल मेहता और उससे संबंधित अन्य की कुल 8.53 करोड़ की चल व अचल सम्पतियों को मार्च 2017 के द्वारा अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया। इस तरह इस मामले में अब तक कुल 21.51 करोड़ की चल-अचल सम्पतियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया जा चुका है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से आगे जांच की जा रही है।


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