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Thursday, July 16, 2020

भारत के सबसे बड़े मंदिर में कोरोना विस्फोट, 14 पुजारी आये चपेट में #भारत_मीडिया, #Bharat_Media


भारत के सबसे बड़े मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में कोरोना विस्फोट हो गया है. यहां गुरुवार को 14 पुजारी कोविड -19 की चपेट में आये गये हैं. बताया जा रहा है कि पुजारियों के संपर्क आये करीब 90 कर्मचारियों पर भी संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है.मालूम हो कोरोना वायरस के चलते 80 दिनों तक बंद रहने के बाद इस मंदिर को 11 जून को खोला गया था. अब कोरोना विस्फोट होने पर फिर से मंदिर को बंद करने की मांग हो रही है. पुजारियों के संक्रमित होने के बाद TTD के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल ने आज मंदिर के पुजारियों, स्वास्थ्य और सतर्कता अधिकारियों के साथ बैठक की.

इससे पहले 12 जून को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के एक कर्मचारी की जांच में कोविड-19 के संक्रमण की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद श्री गोविंद राज स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश दो दिन के लिए बंद कर दिया गया था. गौरतलब है कि तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर का भी प्रबंधन संभालने वाले टीटीडी में करीब सात हजार स्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं जिसके अलावा बाहर के 12,000 से अधिक लोगों की सेवा भी ली जाती है.

मालूम हो आंध्र प्रदेश में गुरुवार को एक दिन में कोविड-19 के 2,593 नये मामलों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 38,044 हुई. 40 और मरीजों की मौत के साथ मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 492 हुआ.मंदिर में रोजाना केवल 6,000 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की है अनुमति
मालूम हो कोरोना संकट के बाद लागये गये लॉकडाउन के बाद जब मंदिर को खोला गया तो सुरक्षा के तौर पर रोजाना केवल 6,000 श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति दी गयी है. इस दौरान छह फुट की दूरी का पालन करना और मास्क पहनना अनिवार्य होगा.


लॉकडाउन के बाद मंदिर खुलने पर पहले ही दिन चढ़ा 43 लाख रुपये का चढ़ावा
गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के चलते 80 दिन से अधिक के लॉकडाउन के बाद तिरुमला में पहाड़ी पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर का प्रसिद्ध मंदिर 11 जून को फिर से खुल गया. मंदिर के खुलने के पहले दिन मंदिर की पवित्र हुंडी में श्रद्धालुओं से 43 लाख रुपये का चढ़ावा आया. जिसमें हुंडी से सोना और चांदी के चढ़ावे के अलावा 43 लाख रुपये नकद भी निकले. वहीं पूजा के लिए प्रवेश के वास्ते लिये गए 300 रुपये के प्रवेश टिकट से करीब नौ लाख रुपये प्राप्त हुए. लॉकडाउन से पहले हुंडी से प्रतिदिन 2.5 करोड़ से 3.5 करोड़ रुपये निकलते थे. कोविड-19 महामारी के चलते लगाये गये लॉकडाउन से मंदिर को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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