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Wednesday, July 8, 2020

गृह मंत्रालय ने गांधी परिवार के 3 ट्रस्टों की जांच के लिए समिति गठित की- #भारत_मीडिया #Bharat_Media

Home Ministry constitutes committee to investigate 3 trusts of Gandhi family - Delhi News in Hindi
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा कानूनी प्रावधानों के विभिन्न उल्लंघनों की जांच के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति का गठन किया है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बुधवार को ट्वीट कर बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के एक विशेष निदेशक की अगुवाई वाली समिति धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), आयकर अधिनियम और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) जैसे प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में इन फाउंडेशन की जांच करेगी।

राजीव गांधी फाउंडेशन की स्थापना 21 जून, 1991 को हुई थी। यह फाउंडेशन कई मुद्दों पर काम करता है, जिसमें साक्षरता, स्वास्थ्य, विकलांगता, वंचितों के सशक्तीकरण, आजीविका और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन शामिल हैं। इसका वर्तमान फोकस क्षेत्र शिक्षा, विकलांगता और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन हैं।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम बोर्ड के सदस्य हैं।

हाल ही में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कांग्रेस और गांधी परिवार को निशाना बनाते हुए दावा किया गया है कि चीन ने राजीव गांधी फाउंडेशन को चंदा दिया था, जिसके बाद केंद्र ने अब यह कदम उठाया है।

पिछले महीने, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 'दस्तावेजी प्रमाण' का हवाला देते हुए कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा था कि चीनी दूतावास ने फाउंडेशन को लगभग 90 लाख रुपये क्यों दान किए हैं।

भारत में चीनी दूतावास और चीन की सरकार फाउंडेशन के कथित दानदाता हैं।

भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने 27 जून को आरोप लगाया था कि 2005-2008 के बीच प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) में प्राप्त धनराशि को राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) में भेज दिया गया था।

राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट 2002 में स्थापित एक पंजीकृत गैर-लाभकारी संगठन है, जो देश में वंचितों, विशेष रूप से ग्रामीण गरीबों की विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थापित किया गया है। इसके बोर्ड में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, व्यवसायी अशोक गांगुली और चार्टर्ड अकाउंटेंट बंसी मेहता हैं।

ट्रस्ट के नाम का उल्लेख हरियाणा में सीबीआई द्वारा एक कथित जमीन हड़पने के मामले में किया गया है, जिसमें एजेंसी ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्य आरोपी बनाया है।

तत्कालीन हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक हित के नाम पर 2004-14 के दौरान कथित रूप से पंचायत भूमि को चैरिटेबल ट्रस्ट को सौंप दिया था।

कांग्रेस ने बुधवार को पलटवार करते हुए कहा कि अगर भाजपा राहुल गांधी पर झूठे और असफल हमले करने के बजाय राष्ट्रीय हित के मुद्दों को हल करने के लिए अपनी ऊर्जा और समय का उपयोग करे, तो यह देश के लिए अच्छा होगा।

--आईएएनएस


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