पंजाब पुलिस के साइबर सैल ने ‘टिकटॉक प्रो’ से सावधान रहने के लिए किया सचेत #भारत_मीडिया, #Bharat_Media - Bharat Media Digital Newspaper

Breaking

Saturday, July 18, 2020

पंजाब पुलिस के साइबर सैल ने ‘टिकटॉक प्रो’ से सावधान रहने के लिए किया सचेत #भारत_मीडिया, #Bharat_Media

Punjab Police cyber cell warns to be wary of  Tiktok Pro - Punjab-Chandigarh News in Hindi
चंडीगढ़ । पंजाब पुलिस के साइबर सैल ने राज्य के लोगों को टिकटॉक ऐप का भ्रम डालने वाली एपीके फाईल या भारत सरकार द्वारा पाबन्दीशुदा ऐप्स को डाउनलोड करने से मना किया है, क्योंकि यह मालवेयर फैलाने वाला साधन भी हो सकते हैं।
इस संबंधी जानकारी देते हुए पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब पुलिस के स्टेट साईबर क्राइम सैल ने पहचान की है कि लोग संक्षिप्त संदेश सेवा (एस.एम.एस.) और वट्सऐप संदेश प्राप्त कर रहे हैं कि चीन की मशहूर ऐप ‘टिकटॉक’ अब भारत में ‘टिकटॉक प्रो’ के तौर पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों को डाउनलोड करने के लिए यूआरएल भी दिया गया है।
जि़क्रयोग्य है कि भारत सरकार ने हाल ही में देश की सुरक्षा, एकता, अखंडता और सद्भावना को चोट पहुँचाने के डर से 58 चीनी ऐप्स पर पाबंदी लगाई है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि टिकटॉक ऐप के साथ मिलता जुलता ‘टिकटॉक प्रो’ नाम का एक मालवेयर आज-कल बहुत देखा जा रहा है जो कि नकली है। यह ऐपीके फाईल गुग्गल प्ले स्टोर समेत ऐप स्टोर (आईओएस) पर भी उपलब्ध नहीं है जो सीधा-सीधा दर्शाता है कि यह गुमराहकुन और फज़ऱ्ी ऐप है।
इसमें दिया यूआरएल http://tiny.cci“iktokPro जो डाउनलोड लिंक के तौर पर दिया गया है, जो कि निजी / संवेदनसील जानकारी के संचार के लिए बुनियादी सुरक्षा प्रोटोकोल और सुरक्षा का उल्लंघन है। इसके अलावा फाईल पर क्लिक करने के साथ तुरंत सिस्टम और एपीके फाईल ‘टिकटॉक प्रो’ एपीके दर्ज हो जाती है, जो कि https://githubusercontent.com/legitprime/v@gb/master/"iktok_pro.apk. स्रोत है। जब लिंक पर क्लिक किया जाता है तो एक संदेश प्रदर्शित होता है ‘इस साईट पर नहीं पहुँचा जा सकता।’
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वह इस सम्बन्धी बहुत सचेत रहें और संदिग्ध लिंकों पर क्लिक न करेंं। अगर वह किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रीए नकली ऐप सम्बन्धी किसी भी संदेश को प्राप्त करते हैं, तो उनको इसको दूसरों को नहीं भेजना चाहिए, और तुरंत इसको डिलीट कर देना चाहिए। राज्य के साईबर क्राइम इनवैस्टीगेसन सैंटर, ब्यूरो ऑफ इनवैस्टीगेशन, पंजाब ने आगे कहा है कि ऐसे लिंकों पर क्लिक करना और ज्य़ादा जोखि़म पैदा करता है, क्योंकि यह मालवेयर हो सकता है, जो आपको धोखाधड़ी का शिकार बना सकता है। जिससे उपभोक्ता को वित्तीय नुकसान होने का डर बना रहता है।
इस सम्बन्ध में कोई भी जानकारी सैंटर की ईमेल आईडी ssp.cyber-pb@nic.in पर साझा की जा सकती है, जिससे विभाग को ऐसी धोखाधडिय़ों सम्बन्धी कार्यवाहियों में शामिल अपराधियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही करने के योग्य बनाया जा सके। 

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

इस न्यूज़ पोर्टल पर किसी भी प्रकार की सामिग्री प्रकाशन का उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना या किसी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुँचना बिल्कुल नहीं है। इस पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी चलचित्र, छायाचित्र अथवा लेख, समाचार से कोई आपत्ति है तो हमें दिए गए ईमेल पर लिख कर भेजें