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Monday, July 27, 2020

मधुबनी के शाहपुर में पश्चिमी कोसी नहर का बांध टूटा, हजारों एकड़ में लगी फसल बर्बाद #भारत_मीडिया, #Bharat_Media

टूटा तटबंध
मधुबनी : पंडौल प्रखंड के शाहपुर गांव में पश्चिमी कोसी नहर का बांध टूट गया है. बांध के टूटने से हजारों एकड़ में लगी फसल पानी से पूरी तरह डूब गया है. वहीं पानी गांव घरों में भी पहुंच गया है. जिससे पंचायत के दर्जनों कच्चे के घर गिर गये हैं. लोगों को मवेशियों के लिये चारा भी नहीं मिल रहा. बारिश के पानी से हुए जल जमाव से शाहपुर गांव के लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त है. गांव में कच्चे घर गिर रहे हैं. वहीं मवेशियों का चारा पर आफत हो गया है. किसानों के हजारों एकड़ में लगे धान का फसल बर्बाद हो गया है. गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है. प्रखंड क्षेत्र के शाहपुर, गंगापुर, सलेमपुर, मधेपुरा, बाड़ागांव, बेलाही सहित क्षेत्र के दर्जनों गांव इससे परेशानी में आ गये हैं. किसान मनोज झा बताते हैं कि इस लॉक डाउन में किसी प्रकार कर्ज लेकर धान की खेती की थी.

मधेपुर. मधेपुर प्रखंड में बाढ़ की स्थित अभी भी विकराल बनी हुई है. कोसी, कमला, भूतही बलान एवं गेहुमा नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद लोग थोड़ी राहत की सांस लेने लगे हैं. लेकिन बाढ़ से़ प्रभावित गांव के लोगों की परेशानी बरकरार है. बाढ़ से अभी भी सैकड़ों परिवार विस्थापित होकर आसपास के सड़कों एवं उचें जगहों पर अपने बाल बच्चों एवं मवेशी के साथ शरण ले रखे हैं. कोसी नदी के बाढ़ से प्रभावित गढ़गांव, मैनाही, परियाही, असुरगढ़, बगेबा, बसीपटृी, बकुआ, भरगामा, करहारा, द्वालख, जानकीनगर सहित अन्य गांव के लोगों के आवागमन का एक मात्र सहारा नाव ही बना हुआ है. इन गांव के लोगों को मवेशी का चारा एवं शुद्ध पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है.

इधर गेहुमा नदी के जलस्तर में कमी आने से लोग थोड़ी राहत महसूस करने लगे हैं. बावजूद गेहुमा नदी के बाढ़ से प्रभावित सुन्दर, विराजीत, बाथ, सिकरिया, रमचंद्रा, पचही, बांकी, प्रसाद वीरपुर, भीठ-भगवानपुर, कमलपुर, महासिंह हसौली, खौर मदनपुर, बेहरा सहित अन्य गांव के लोगों में तबाही का मंजर कायम है. इन गांवों के सैकड़ों परिवार के घर आंगन में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है. विस्थापित परिवार सड़कों पर शरण ले रखे हैं. वीरपुर महादलित बस्ती के चार दर्जन से अधिक परिवारों के घर में पिछले एक पखवाड़ें से घर आंगन में बाढ़ का पानी प्रवेश कर रखा है. बाढ़ से विस्थापित परिवारों के लिए सड़क ही सहारा बना हुआ है. लोग सडक पर पांलिथिन टांगकर अपने बाल बच्चों एवं मवेशी के साथ समय व्यतीत करने को विवश है. बाढ़ से विस्थापित परिवारों में सरकार एवं प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है़

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