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Sunday, July 5, 2020

किसानों को प्रौद्योगिकी और युवाओं को कौशल का लाभ मिलना चाहिए : मोदी- #भारत_मीडिया #Bharat_Media

Farmers should get the benefit of technology and youth skills: Modi - India News in Hindi
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र के विकास के लिए नवाचार की आवश्यकता पर बल देते हुए शनिवार को कहा कि किसानों को प्रौद्योगिकी और युवाओं के कौशल का लाभ मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री ने शनिवार को यह बात यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से भारत में कृषि अनुसंधान, विस्तार और शिक्षा की प्रगति की समीक्षा के दौरान कही।

मोदी ने कहा, "भारतीय किसानों को प्रौद्योगिकी और युवाओं के कौशल का लाभ मिलना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि किसानों के पास पारंपरिक ज्ञान है और नई प्रौद्योगिक के साथ-साथ युवाओं के कौशल का लाभ उठाकर वे इस कृषि क्षेत्र में बदलाव ला सकते हैं।

इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं विस्तार विभाग में सचिव डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने आईसीएआर की प्राथमिकताओं, प्रदर्शन और विभिन्न चुनौतियों से निपटने की तैयारियों पर एक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक आईसीएआर के विभिन्न केंद्रों के अनुसंधान के आधार पर क्षेत्रीय फसलों (1434), बागवानी फसलों (462) और जलवायु आधारित (1121) प्रजातियों का विकास किया जा चुका है।

महापात्रा ने बताया कि मौसम की प्रतिकूलता को सहन करने में सक्षम प्रजातियों के विकास के लिए आण्विक प्रजनन तकनीकों का उपयोग किया गया है। गेहूं की एचडी 3226 और टमाटर की अकार्बेड प्रजाति में क्रमश: सात और चार बीमारियों की प्रतिरोधी क्षमता है।

प्रधानमंत्री ने कृषि जलवायु क्षेत्र की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए प्रजातियों के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और किसानों को अच्छा रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन और विपणन सुविधाओं के विकास की जरूरत पर बल दिया।

गन्ने की एक प्रजाति करण-4 से चीनी की रिकवरी में बढ़ोतरी हुई है और इसने उत्तर प्रदेश में पारंपरिक रूप से पैदा होने वाली प्रजातियों की जगह ले ली है। प्रधानमंत्री ने गन्ना और अन्य फसलों से बायो एथेनॉल बढ़ाने के तरीके तलाशने की संभावनाओं को रेखांकित किया।

प्रधानंमत्री ने क्लस्टर आधारित रणनीति पर जैविक और प्राकृतिक कृषि प्रक्रियाओं को अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आईसीएआर ने भू-संदर्भित ऑर्गनिक कार्बन मैप ऑफ इंडिया विकसित किया है, 88 जैव नियंत्रक घटकों और 22 जैव उर्वरकों की पहचान की है जिससे जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।

उन्होंने सेहतमंद खुराक सुनिश्चित करने के लिए ज्वार, बाजरा, रागी और कई अन्य अनाज को शामिल करने के संबंध में जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कृषि उपकरणों की पहुंच आसान बनाने और खेत से बाजार तक के लिए ढुलाई सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री ने किसानों की मांग पूरी करने के लिए कृषि शिक्षा और कृषि जलवायु आवश्यकता पर आधारित अनुसंधान की आवश्यकता बल देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। (आईएएनएस)

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