2022 तक कैसे सभी गरीबों को मिलेंगे घर, जानिए योजना का पूरा खाका - Bharat Media Digital Newspaper

Breaking

Friday, August 14, 2020

2022 तक कैसे सभी गरीबों को मिलेंगे घर, जानिए योजना का पूरा खाका

How will all the poor get home by 2022, know the complete blueprint of the scheme - Delhi News in Hindi
नई दिल्ली। देश के हर गरीब को पक्का मकान देने की योजना पर मोदी सरकार ने काम तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दूसरे चरण में कुल 1.95 करोड़ मकानों का निर्माण 31 मार्च 2022 तक पूरा किया जाना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों ने आईएएएनस को बताया कि सब कुछ ठीक रहा तो समय से सभी गरीबों को आवास उपलब्ध हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर 2022 तक सबको घर देने की बात कह चुके हैं। आखिर कैसे सभी गरीबों को घर मिलेगा? ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से तैयार विजन डाक्यूमेंट में इस सवाल का जवाब छिपा हुआ है। दरअसल, वर्ष 2019 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का दूसरा चरण शुरू हुआ है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के विजन डाक्यूमेंट के मुताबिक, 2019-20 में 60 लाख मकानों का निर्माण शुरू हुआ। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष 2020-21 में 70 लाख का टारगेट है। जबकि अगले वित्तीय वर्ष 2021-22 में 65 लाख आवासों का निर्माण होगा। इस तरह 31 मार्च 2022 तक कुल 1.95 करोड़ मकान गरीबों को उपलब्ध होगा। इन घरों में बिजली, एलपीजी कनेक्शन और शौचालय की सुविधा होगी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को न्यूनतम 25 वर्गमीटर का घर बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये मिलते हैं, जबकि हिल एरिया में 1.30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, और 12 हजार रुपये अलग से शौचालय के लिए मिलते हैं।
पहले गांवों में गरीबों को घर देने के लिए इंदिरा आवास योजना चलती थी। इसके स्थान पर मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरूआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने 20 नवम्बर, 2016 को आगरा में इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया था। सरकार ने हाउसिंग फार ऑल स्कीम के तहत 2022 तक सभी गरीबों के सिर पर छत देने की बात की।
मोदी सरकार ने 2016 में योजना शुरू करते समय कुल दो करोड़ 95 लाख ग्रामीण आवास बनाने का टारगेट तय किया था। 2016-17 से 2018-19 के बीच पहले चरण के तीन वर्षों में 1 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था। वहीं 2019-20 से 2021-22 के बीच योजना के दूसरे चरण में 1.95 करोड़ और आवासों के निर्माण की कवायद चल रही है। इस प्रकार कुल दो करोड़ 95 लाख ग्रामीण आवासों का लक्ष्य 2022 तक पूरा होगा। इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन 2011 की जनगणना की लिस्ट से होता है। उन लाभार्थियों को इस आवास योजना का लाभ मिलता है, जो गरीबी के कारण बेघर या फिर कच्चे घरों में रहते हैं। दलित और आदिवासियों को इस योजना में प्राथमिकता मिलती है।
--आईएएनएस




भारत मीडिया के संचालन व् इस साहसी पत्रकारिता को आर्थिक रूप से सपोर्ट करें, ताकि हम स्वतंत्र व निष्पक्ष पत्रकारिता करते रहें .
👉 अगर आप सहयोग करने को इच्छुक हैं तो भारत मीडिया द्वारा दिए इस लिंक पर क्लिक करें -------
cLICK HERE
     

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

इस न्यूज़ पोर्टल पर किसी भी प्रकार की सामिग्री प्रकाशन का उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना या किसी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुँचना बिल्कुल नहीं है। इस पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी चलचित्र, छायाचित्र अथवा लेख, समाचार से कोई आपत्ति है तो हमें दिए गए ईमेल पर लिख कर भेजें