आतंकी ने खोले कई राज, जानें सोशल मीडिया पर रोज तकरीर सुनने वाले युसुफ के घर से ATS को क्या-क्या मिला - Bharat Media Digital Newspaper

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Sunday, August 23, 2020

आतंकी ने खोले कई राज, जानें सोशल मीडिया पर रोज तकरीर सुनने वाले युसुफ के घर से ATS को क्या-क्या मिला

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दिल्ली में कल पकड़े गए आईएसआईएस के आतंकी मुस्तकीफ उर्फ अबू युसुफ उर्फ बाबा का नेटवर्क खंगालने के लिए एटीएस टीम यूपी के बलरामपुर जिले के उतरौला में डेरा जमाए है। एटीएस ने आतंकी मुस्तकीम को शनिवार रात किसी गोपनीय स्थान पर रखा। तीन आतिशबाजी कारोबारियों व एक साइकिल मिस्त्री को हिरासत में लेकर एटीएस ने पूछताछ की है। उतरौला में कुछ दुकानों पर छापेमारी हो सकती है। देवीपाटन मंडल के डीआईजी ने शनिवार देर रात उतरौला कोतवाली के बढ़या भैसाही गांव पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली।

शनिवार को दिल्ली में धौलाकुआं व करोल बाग के बीच संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद आतंकी मुस्तकीम पकड़ा गया था। उसके पास दो प्रेशर कुकर, आईईडी, पिस्तौल व कारतूस मिले थे। शुरुआती दौर में मुस्तकीम ने पुलिस को गुमराह किया लेकिन बाद में उसने सच उगल दिया। मुस्तकीम ने एटीएस को अपना नाम अबू युसुफ बताया था। वह उतरौला कोतवाली के बढ़या भैसाही गांव का निवासी है। शुक्रवार को दोपहर से देर रात तक बढ़या भैसाही गांव में एटीएस व पुलिस का सर्च अभियान चलता रहा। मुस्तकीम के घर नौ किलोग्राम विस्फोटक, लीथियम बैट्री, आईएसआईएस का झंडा, मेटल बाक्स, फिदायीन बनने के लिए पहना जाने वाला दो जैकेट, भड़काऊ साहित्य व पत्नी तथा चार बच्चों का पासपोर्ट एटीएस के हाथ लगा था। एटीएस का विशेष दल आतंकी मुस्तकीम को लेकर रात करीब नौ बजे बढ़या भैसाही गांव पहंुचा। बम निरोधक दस्ता व डाॠग स्क्वायड को भी बुलाया गया था। पूछताछ में मुस्तकीम ने एटीएस को उन लोगों के नाम बताए जहां से वह गोला बारूद खरीदता था। उसके बताने पर एटीएस ने उतरौला के गोंडा मोड़ गांधीनगर निवासी मनिहार, मोबीन, फारुक व वसीम को उठा लिया। पकड़े गए मुस्तकीम व हिरासत में लिए गए तीनों लोगों का उतरौला कोतवाली में आमना-सामना कराया। उनसे एटीएस ने करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की। बाद में एटीएस मुस्तकीम को लेकर कहीं चली गई।  

सोशल मीडिया पर तकरीर सुनकर बना आतंकी
मुस्तकीम सोशल मीडिया पर तकरीर सुनता रहता था। इयरफोन लगाकर प्रतिदिन तीन घंटा तकरीर सुनने की आदत थी उसकी। कुछ समय धार्मिक पुस्तकें पढ़ने में बिताता था। घर वालों को नमाज पढ़ने के लिए प्रेरित करता था। वह स्वयं पांच वक्त की नमाज पढ़ता। औरतों को पर्दे में रखने की बात करता। मजाल क्या है कि उसके घर में रहते कोई महिला सदस्य बिना नकाब बाहर निकले। मुस्तकीम की चार बहने हैं जिसमें तीन की शादी हो चुकी है, एक बहन अविवाहित है। कफील बताते हैं कि उसका बेटा रोज अपनी बहनों से फोन पर बात करता था। बताते हैं कि मुस्तकीम की बड़ी बहन नेपाल सीमा स्थित ढेबरूआ थाना के कृष्णानगर में ब्याही है। वहां उसका आना जाना अधिक था। मुस्तकीम के नेपाल कनेक्शन की पड़ताल एटीएस कर रही है।

मुस्तकीम इस तरह बना अबू युसुफ
मुस्तकीम के बेटे का नाम मोहम्मद युसुफ है। उसने अपना नाम अबू युसुफ रख लिया। उसका मानना था कि बेटे का नाम युसुफ है और वह उसका अब्बा है। उसने अपने को अब्बा मानते हुए अपना नाम अबू युसुफ रख लिया। दिल्ली में पकड़े जाने पर पहले उसने अपना नाम अबू युसुफ बताया था, बाद में वास्तविक नाम मुस्तकीम बताया।    

बढ़या भैसाही में पसरा है सन्नाटा
रविवार को बढ़या भैसाही गांव से पुलिस तो हट गई लेकिन सन्नाटा बरकरार है। गांव में अधिकांश घरों के दरवाजे बंद मिले। मीडिया कर्मियों के पहुंचने पर कोई बाहर नहींं निकला। ग्रामीण मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब देने से बचते रहे। उन्होंने अपनी जुबान नहींं खोली। मुस्तकीम के पिता कफील व पत्नी आयशा ने मीडिया कर्मियों को अपना पक्ष बताया।




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