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Tuesday, August 4, 2020

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने कुलभूषण जाधव मामले में भारत को दूसरा मौका देने को कहा #भारत_मीडिया, #Bharat_Media

Pak court asks govt to give India 2nd offer in Kulbhushan Jadhav case - World News in Hindi
इस्लामाबाद । इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) ने कुलभूषण जाधव मामले में प्रधानमंत्री इमरान खान की संघीय सरकार से भारत को कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए और समीक्षा ट्रायल को सिविल कोर्ट के जरिए होने देने का एक और मौका देने को कहा है।

यह निर्देश सोमवार को दिया गया, जब आईएचसी की दो सदस्यीय पीठ भारतीय नागरिक के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिन्हें पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा मौत की सजा दी गई है।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के निर्णय के अनुरूप रक्षा सचिव द्वारा दायर की गई याचिका में जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि (वकील) नियुक्त करने की मांग की गई है।

पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) खालिद जावेद खान ने अदालत को सूचित किया कि जाधव को अवैध रूप से पाकिस्तान में प्रवेश करने के लिए तीन मार्च 2016 को गिरफ्तार किया गया था। खान ने अदालत को बताया कि 'जाधव एक भारतीय जासूस है, जो भारत के रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के साथ काम कर रहा था और उसने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान में जासूसी गतिविधियों में शामिल होने की बात कबूल की है।'

एजीपी खान ने कहा, सैन्य अदालत ने आर्मी एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के अनुसार जाधव को ट्रायल करने के बाद सजा सुनाई थी, जिसके बाद 2017 में भारत ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया।

पीठ में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्ला और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब शामिल हैं। पीठ ने सरकार से भारत को एक और मौका देने और मामले में कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की पेशकश करने को कहा।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, चूंकि अब यह विषय हाईकोर्ट में है, ऐसे में भारत को दूसरा मौका क्यों नहीं दिया जा रहा। भारत सरकार या जाधव अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

अदालत ने सुनवाई के लिए एक बड़ी पीठ का गठन करने का भी फैसला किया और वरिष्ठ वकीलों आबिद हसन मंटो, आबिद खान और मखदूम अली खान को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया।

इस मामले की सुनवाई तीन सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सुनवाई के दौरान एजीपी ने कहा, आईसीजे के आदेशों का पालन करते हुए एक अध्यादेश जारी किया गया है और जाधव को उनकी सजा के खिलाफ पुनर्विचार (समीक्षा) याचिका दायर करने का मौका दिया गया है।

उन्होंने कहा, जाधव को उनकी मौत की सजा के खिलाफ पुनर्विचार अपील दायर करने का पूरा अधिकार दिया गया है। भारत अब आईसीजे के फैसले से भाग रहा है।

जाधव को 'जासूसी' के आरोप में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। हेग स्थित आईसीजे ने मौत की सजा पर रोक लगा दी थी और कहा था कि पाकिस्तान को जाधव को दोषी ठहराने और सजा की प्रभावी समीक्षा करनी चाहिए और बिना देरी भारत को राजनयिक पहुंच प्रदान करनी चाहिए। (आईएएनएस) 

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