यूपी कांग्रेस ने संगठन में फेर-बदल कर चला सियासी दांव #BHARAT_MEDIA - Bharat Media Digital Newspaper

Breaking

Saturday, September 12, 2020

यूपी कांग्रेस ने संगठन में फेर-बदल कर चला सियासी दांव #BHARAT_MEDIA

UP Congress changed political bets in organization - Lucknow News in Hindi
लखनऊ । कांग्रेस पार्टी में लेटर बम से मचे बवाल के बाद उत्तर प्रदेश संगठन में बहुत कुछ ठीक नहीं चल रहा था। ऐसे में कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी को और मजबूत बनाने के लिए पार्टी ने बिखरे पड़े बड़े नेताओं को जिम्मेदारी देकर बड़ा डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया है। साथ ही साथ ही प्रमोद तिवारी, जितिन प्रसाद, राजेश मिश्रा जैसे प्रमुख नेताओं को बड़ी जिम्मेंदारी देकर तेज हुई ब्राह्मणों की सियासत में भी बड़ा दांव चला है।

गुलामनबी आजाद की छुट्टी कर प्रियंका के कंधे पर पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी दलित और ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पाले में कर विधानसभा चुनाव में लाभ लेना चाह रही है।

पार्टी से नाराज चल रहे जितिन प्रसाद पर भरोसा करके उनको केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार के साथ ही पश्चिम बंगाल जैसे चुनौतीपूर्ण और अहम राज्य के प्रभारी की अहम जिम्मेदारी दी है। पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी को पहली बार केंद्रीय कार्यसमिति का स्थायी सदस्य बनाया गया है। वहीं, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ही प्रदेश के ऐसे नेता हैं, जिन्हें केंद्रीय चुनाव समिति में तवज्जो देकर ब्राह्मणों का हमदर्द बताने का प्रयास किया है।

वहीं दलितों को राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए पीएल पुनिया पर एक बार फिर भरोसा जताया है। पूर्व मंत्री आरपीएन सिंह, राजीव शुक्ला और विवेक बंसल को भी अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है, इस बार कार्यकारिणी में उत्तर प्रदेश को अधिक तवज्जो दी गई है। इसका लाभ निश्चित ही विधानसभा चुनाव में मिलेगा। बड़े समांजस्य के साथ वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है। उनके समर्थक पार्टी को आने वाले समय में लाभ पहुंचाएंगे।

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रसून पांडेय का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने निश्चित रूप से यूपी को नेताओं को अपनी नई समिति में शामिल करके एक तीर से कई निशाने साधने का प्रयास किया है। एक तरफ ब्राह्मण नेताओं को सम्मान देकर अपने खोए सर्वण वोट बैंक को संजोने का प्रयास किया है, तो वहीं दलित नेताओं को जिम्मेदारी देकर बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि इसका लाभ आने वाले चुनावों में कितना मिलेगा, यह कह पाना अभी बहुत जल्दबाजी होगी।

--आईएएनएस




भारत मीडिया के संचालन व् इस साहसी पत्रकारिता को आर्थिक रूप से सपोर्ट करें, ताकि हम स्वतंत्र व निष्पक्ष पत्रकारिता करते रहें .
👉 अगर आप सहयोग करने को इच्छुक हैं तो भारत मीडिया द्वारा दिए इस लिंक पर क्लिक करें -------
cLICK HERE
     

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.

इस न्यूज़ पोर्टल पर किसी भी प्रकार की सामिग्री प्रकाशन का उद्देश्य किसी की छवि को धूमिल करना या किसी व्यक्ति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुँचना बिल्कुल नहीं है। इस पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी चलचित्र, छायाचित्र अथवा लेख, समाचार से कोई आपत्ति है तो हमें दिए गए ईमेल पर लिख कर भेजें